पत्नी को MLC बनाए जाने के सवाल पर बोले उपेंद्र कुशवाहा, राजनीतिक सौदेबाजी नहीं की

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पत्नी को MLC बनाए जाने के सवाल पर बोले उपेंद्र कुशवाहा, राजनीतिक सौदेबाजी नहीं की

बिहार. पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि जदयू में RLSP का विलय किसी राजनीतिक मजबूरी में लिया गया फैसला नहीं है बल्कि यह बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उभरे जनाधार का सम्मान है। पटना में अपनी पार्टी के जेडीयू में विलय की घोषणा के बाद कुशवाहा ने कहा कि विलय का उनका कोई व्यक्तिगत फैसला नहीं है बल्कि पार्टी के नेताओं का लिया गया उचित फैसला है।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि विलय को लेकर उन्होंने किसी तरह की राजनीतिक सौदेबाजी नहीं की है. उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी पत्नी को बिहार विधान परिषद या फिर मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलों को साफ तौर पर खारिज किया है। उन्होंने कहा कि विलय को लेकर किसी तरह की राजनीतिक सौदेबाजी नहीं की गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने अपनी पत्नी को बिहार विधान परिषद या फिर मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर जारी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। रालोसपा के जदयू में विलय के मौके पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह का पटना में न होकर दिल्ली में होने की बात पर जब उपेंद्र कुशवाहा से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने सीधे तौर पर कुछ बोलने से मना कर दिया।

इससे पहले पटना में सीएम नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हमारे पास सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष के लिए इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा था. कुशवाहा ने कहा है कि वह नीतीश कुमार की राजनीति के मुरीद रहे हैं. भले ही वह साथ न रहें लेकिन नीतीश की तारीफ करते रहे हैं. कुशवाहा ने कहा कि राष्ट्र और राज्य के हित में, बिहार में समान विचारधारा वाले लोगों को एक साथ आना चाहिए।

यह वर्तमान राजनीतिक स्थिति की मांग है. इसलिए, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में जद (यू) के साथ विलय का फैसला किया है. अब हम उनके साथ खड़े हैं. अपनी पार्टी के जेडीयू में विलय से पहले उपेंद्र कुशवाहा ने पटना में प्रेस वार्ता आयोजित कर रालोसपा के जनता दल यूनाइटेड में विलय के कारणों की जानकारी दी साथ ही इसकी विधिवत घोषणा भी की