विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा, कोरोना वायरस को लेकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च का कोई सबूत नहीं

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा, कोरोना वायरस को लेकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च का कोई सबूत नहीं

विश्व. विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 को लेकर कहा कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च का कोई सबूत नहीं है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च में कहा गया कि कोरोना पिछले साल के अगस्त महीने में वुहान में फैलने लगा था।

इसे लेकर डब्ल्यूएचओ के आपात प्रोजेक्ट के अधिकारी माइकल रयान ने कहा कि हाल में ज्यादा से ज्यादा रिसर्च उपग्रह चित्रों का इस्तेमाल करते हैं, उदाहरण के लिए मौसम परिवर्तन और आबादी का स्थानांतरण। लेकिन अहम बात है कि हमें गाड़ियों की निगरानी जैसे मसलों पर ज्यादा अनुमान नहीं लगाना चाहिए। चूंकि इस का कोई सबूत नहीं है कि इस से क्या जाहिर हुआ है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 को लेकर कहा कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च का कोई सबूत नहीं है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्च में कहा गया कि कोरोना पिछले साल के अगस्त महीने में वुहान में फैलने लगा था।

इसे लेकर डब्ल्यूएचओ के आपात प्रोजेक्ट के अधिकारी माइकल रयान ने कहा कि हाल में ज्यादा से ज्यादा रिसर्च उपग्रह चित्रों का इस्तेमाल करते हैं, उदाहरण के लिए मौसम परिवर्तन और आबादी का स्थानांतरण। लेकिन अहम बात है कि हमें गाड़ियों की निगरानी जैसे मसलों पर ज्यादा अनुमान नहीं लगाना चाहिए। चूंकि इस का कोई सबूत नहीं है कि इस से क्या जाहिर हुआ है।

माइकल रयान ने कहा कि डब्ल्यूएचओ ने बहुत समय लगाकर विश्व से आई विभिन्न वैज्ञानिक सूचनाओं का आकलन किया है और हर एक सूचना के स्रोत का विश्लेषण भी किया, ताकि सदस्य देशों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुझाव और गाइड दे सके। लेकिन डब्ल्यूएचओ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी जैसे रिसर्च पर अंदाजा नहीं लगाएगा, चूंकि वह रोग ट्रैक करने में कोई मदद नहीं दे सकता है।