आरोग्य सेतु ऐप उपयोग करने वालों की संख्या 13 करोड़ के पार पहुंची

आरोग्य सेतु ऐप उपयोग करने वालों की संख्या 13 करोड़ के पार पहुंची

देश. आरोग्य सेतु एप कोरोना महामारी से मुकाबले में देशवासियों का सुरक्षा कवच बन गया है. इस  एप्प पर देशवासियों का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है और अब तक इसे 13 करोड़ से ज्यादा लोगों ने अपने फोन पर डाउनलोड किया है. इसके साथ ही ये दुनिया की उन एप्प की श्रेणी में भी शुमार हो गया है, जिसे इतने कम समय में इतना ज्यादा डाउनलोड किया गया है.

लगातार लोकप्रिय हो रहा है आरोग्य सेतु

कोरोना संकट में बचाव के लिए ये एप सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है. ये सिर्फ़ उपयोगकर्ता को अपने आसपास मौजूद कोविड के खतरों को लेकर अलर्ट ही नहीं करता है बल्कि इसके जरिए सरकार भी बीमार या फिर ईलाज की जरूरत वाले लोगों तक पहुंच रही है. आरोग्य सेतु टीम के मुताबिक इस एप के जरिए सरकारी स्वास्थ्य एजेंसियों ने लाखों लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और अन्य मदद पहुंचाई है.

क्या है आरोग्य सेतु?

सरकार ने कोविड-19 का मुकाबला करने के उद्देश्‍य से सार्वजनिक-निजी साझेदारी से विकसित इस मोबाइल एप की शुरुआत की है. यह एप्प प्रत्‍येक भारतीय के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए डिजिटल इंडिया से जुड़ा है. यह लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण के जोखिम का आकलन करने में सक्षम करता है. यह अत्याधुनिक ब्लूटूथ टेक्‍नोलॉजी, अलगोरिथ्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करते हुए खतरों का आकलन करता है और उपयोगकर्ता के साथ, जरूरत के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग तक सूचना पहुंचाता है.

कैसे काम करता है ये एप?

आरोग्य सेतु को अपने मोबाइल फोन पर इंस्‍टॉल करने पर उपयोगकर्ता से कई सवालों के जवाब देने के लिए कहा जाता है. यदि कुछ उत्तर ऐसे होते हैं, जिनसे उपयोगकर्ता में कोविड-19 के लक्षण होने के बारे में संकेत मिलता है, तो यह जानकारी एक ‘सरकारी सर्वर’ को भेज दी जाएगी. यह डेटा सरकार को बिल्‍कुल उचित समय पर ठोस कदम उठाने और यदि आवश्यक हो तो आइसोलेशन प्रक्रिया शुरू करने में मदद करता है. इसके साथ ही यह उस समय अलर्ट भी करता है जब कोई व्यक्ति किसी कोरोना पॉजिटिव मरीज के निकट आता है. 

कितना सुरक्षित है आरोग्य सेतु?
 
एप का डिज़ाइन करते वक़्त सबसे ज्यादा ध्यान गोपनीयता का रखा गया है. एप द्वारा एकत्र किए गए व्यक्तिगत डेटा को अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके एन्क्रिप्ट किया गया है. मेडिकल सुविधा की आवश्‍यकता पड़ने तक डाटा फोन पर सुरक्षित रहता है. ये आपके और आपके परिवार को सुरक्षित रखने के लिए एक अलार्म की तरह काम करता है. अगर कोई कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति आपके सम्पर्क में आता है तो ये आपको सावधान करता है. इसका सबसे ज़्यादा फायदा कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में है. इस एप्प के जरिए फोन से किसी भी तरह का डाटा नहीं लिया जाता है. यहां तक कि ब्लूटूथ और जीपीएस डाटा भी आपके फोन में ही मौजूद रहता है.

स्मार्ट फोन के बिना भी मिलेगी आरोग्य सेतु की मदद

आरोग्य सेतु के संरक्षण में फीचर फोन और लैंडलाइन फोन वाले लोगों को भी शामिल करने के लिए ‘आरोग्य सेतु इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस)’ को लागू किया गया है. यह सेवा देश भर में उपलब्ध है. यह एक टोल-फ्री यानी नि:शुल्‍क सेवा है, जिसके तहत नागरिकों को 1921 नंबर पर एक मिस्ड कॉल करने के लिए कहा जाता है और इसके बाद उन्हें प्राप्‍त कॉल बैक में उनसे अपने स्वास्थ्य के बारे में आवश्‍यक जानकारियां देने का अनुरोध किया जाता है. 

पूछे जाने वाले प्रश्न आरोग्य सेतु एप से जुड़े होते हैं. इसमें जो जवाब मिलते हैं उनके आधार पर संबंधित नागरिक को उनके स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के बारे में संकेत देने वाला एक एसएमएस मिलेगा, और इसके साथ ही आगे भी उनके स्वास्थ्य के बारे में अलर्ट मिलेंगे।

 

सुधाकर दास