Googly Baby नाम से हुई पॉपुलर अररिया की बेटी जिसके पास है, हर सवाल का जवाब उम्र सिर्फ 4 साल

Googly Baby नाम से हुई पॉपुलर अररिया की बेटी जिसके पास है, हर सवाल का जवाब उम्र सिर्फ 4 साल

अररिया. Googly Baby उम्र सिर्फ़ चार साल,स्कूल का अभी मुंह तक नहीं देखा है, लेकिन देश दुनियां के हर सवाल का जवाब पलक झपकते देकर लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने पर विवश कर रही है। भले ही आपको यह अविश्वसनीय लगे, लेकिन यह सोलह आने सही है। अररिया प्रखंड के महिषाकोल यादव टोला के किसान पिता संतोष यादव व मां अरुणा कुमारी की चार वर्षीय पुत्री पलक की जुबां पर हर सवाल का जवाब है। जेनरल नॉलेज से लेकर गणित व अन्य विषयों की उसे जानकारी है। पलक के माता-पिता, दादा सूर्यनारायण यादव सहित अन्य स्वजन लाडली की असीम प्रतिभा को देख कर फूले नहीं समा रहे हैं। उन्हें विश्वास है एक दिन उनकी बेटी देश दुनियां में सूबे का नाम रोशन करेगी।

इन दिनों यह प्रतिभाशाली बच्ची टीचर्स आफ बिहार ग्रुप (टीओबी) के वाट्सऐप ग्रुप व सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टीओबी के सदस्य भी उसकी प्रतिभा को निखारने में जुटे हैं। इस ग्रुप में पलक को गूगल बेबी का नाम दिया गया है। उसके पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने अभी स्कूल जाना शुरू नहीं किया है। जब एक साल की थी तभी से उसमें विशेष प्रतिभा दिखने लगी थी। वह मनोयोगपूर्वक पढ़ाई करती थी। इतनी कम उम्र में ही उसे बहुत कुछ जानने और सीखने की चाहत है। वह गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर जाती है। गू्गल बेबी के माता पिता किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वे सभी बीए पास पास हैं। दादा सूर्यनारण यादव ने बताया कि पलक की याददास्त इतनी मजबूत है कि वह एक बार जो पढ़ लेती है उसे कभी नहीं भूलती है। खेल खेल में भी वह पढ़ाई की बात करती रहती है। उसे पढ़ाई करने व विभिन्न चीजों की जानकारियां प्राप्त करने की अत्यधिक जिज्ञासा रहती है। आंगनबाड़ी केंद्र पर वह सभी बच्चों से अलग बैठती है और मेडम से नए नए सवाल पूछती रहती है।

सोशल मीडिया पर छाई

पलक इनदिनों टोओबी के यूट्यूब चैनल, फेसबुक व व्हाट्सएप ग्रुप पर छाई हुई है। उसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग उन्हें शेयर और लाइक कर रहे हैं। टीचर्स ऑफ बिहार (टीओबी) के जिला टीम लीडर सत्यनारायण साह व उत्क्रमित मध्य विद्यालय महिषाकोल के एचएम योगेश चंद्र साह बताते हैं कि बच्ची की प्रतिभा देख किसी को भी आश्चर्यचकित होना लाजिमी है। मोबाइल पर जितनी देरे मे गूगल से सवाल के जवाब मिलते हैं उससे पहले ही पलक उसका जवाब देती है। राज्य, देश, दुनिया की अहम जानकारियां उसके पास हैं। वह असाधारण प्रतिभा की धनी है। इतनी कम उम्र में इतनी सारी चीजों को जेहन में रखना आसान नहीं है। कम उम्र के कारण स्कूल में अबतक उसका नामांकन नहीं हो पाया है। वे कहते हैं निश्चित रूप से यह बच्ची देश का नाम रोशन करेगी।

क्या है टीओबी

टीचर्स ऑफ बिहार ग्रुप (टीओबी) में बिहार के सरकारी विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और होनहार बच्चों को मंच प्रदान करना भी इसका मकसद है। इसपर लगातार खोजपूर्ण कार्य किया जा रहा है। कोरोनाकाल में इस ग्रुप पर सोशल साइट के माध्यम से सरकारी स्कूलों के बच्चों को पाठ्क्रम आधारित ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है। टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर शिव कुमार हैं। वे प्राथमिक विद्यालय अराप, बिक्रम पटना के शिक्षक हैं। टीचर्स ऑफ बिहार (Teachers of Bihar- The change makers) के भागलपुर District Mentor खुशबू कुमारी ने बताया कि यह ग्रुप शिक्षकों का, शिक्षकों के लिए और शिक्षकों द्वारा संचालित प्रोफेशनल लर्निंग कम्यूनिटी है। खुशबू कुमारी भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय बलुआचक की शिक्षिका हैं। उन्होंने कहा कि TOB सरकारी शिक्षकों का एक ऐसा समूह है जो सोशल मीडिया के विभिन्न मंच से बिहार के कर्तव्यनिष्ठ एवं नवाचारी शिक्षकों के प्रयासों को सभी के सामने साझा करती है। टीचर्स ऑफ बिहार ने पलक की प्रतिभा को सबसे सामने लाया।