राशन कार्ड / राज्य में तीन लाख से अधिक राशन कार्ड बने

राशन कार्ड / राज्य में तीन लाख से अधिक राशन कार्ड बने

बिहार. बिहार राज्य के तीन लाख से अधिक नए लोगों के राशन कार्ड विगत सात दिनों में बनाए गए हैं। साथ ही इसके निर्माण की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का स्पष्ट निर्देश है कि कोई भी गरीब राशन कार्ड से वंचित नहीं रहे, पदाधिकारी यह सुनिश्चत करें। ताकि सभी योग्य व्यक्तियों को इसके तहत सभी लाभ निरंतर दिया जा सके। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस कार्य में तेजी आई है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव अनुपम कुमार ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी।

बसों से आए 65 हजार

सभी राशन कार्डधारियों को एक-एक हजार रुपये दिए जा रहे :गौरतलब हो कि लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री के निर्देश पर राशन कार्ड के उन सभी आवेदनों पर विचार किया गया जो या तो रद्द कर दिए गए थे अथवा छोटी त्रुटियों के कारण अस्वीकृत कर दिए गए थे। पूर्व के आवेदनों की पुन: जांच कर 12 लाख राशन कार्ड सात मई के पहले निर्गत कर दिए गए थे। इसी क्रम में पिछले सात दिनों में तीन लाख से अधिक और नए राशन कार्ड बने। सचिव ने यह भी कहा कि सभी राशन कार्डधारियों को एक-एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं।

रोजगार सृजन पर मुख्यमंत्री का मुख्य जोर: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव ने कहा कि कोरोना संक्रमण से उत्पन्न स्थिति और इसके तहत चलाए जा रहे राहत कार्य की मुख्यमंत्री प्रतिदिन समीक्षा कर रहे हैं। रोजगार सृजन पर भी मुख्यमंत्री का मुख्य जोर है, ताकि सभी मजदूरों को काम मिल सके। लॉकडाउन के दौरान अभी तक करीब दो करोड़ मानव दिवस का सृजन किया गया है

प्रखंड क्वारंटाइन सेंटर पर सवा दो लाख रह रहे: अभी तक राज्य में 4671 प्रखंड क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं, जहां पर सवा दो लाख से अधिक लोग रह रहे हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव ने कहा कि बड़ी संख्या में क्वारंटाइन सेंटर पर लोगों को रखा जा रहा और भोजन-चिकित्सा समेत सभी आवश्यक सुविधाएं उन्हें वहां पर दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह एक चुनौती भरा कार्य है, पर पूरा प्रशासन इस कार्य में लगा हुआ है। ताकि किसी को कोई दिक्कत नहीं हो। गांवों में कोरोना संक्रमण का फैलाव नहीं हो, इसी मकसद से इन क्वारंटाइन सेंटरों को बनाया गया है।

तीन मई के बाद आने वालों में 352 पॉजिटिव

स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार ने कहा कि तीन मई के बाद विभिन्न राज्यों से बिहार आने वालों में 7500 के सैंपल की जांच हुई है। इनमें 352 सैंपलों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें सबसे अधिक दिल्ली से आए 114 लोग शामिल हैं। इसके अलावा गुजरात से आए 97, महाराष्ट्र से 66, पश्चिम बंगाल से 22, हरियाणा से 17 और उत्तर प्रदेश से 13 लोग आए हैं। विभिन्न राज्यों से बसों के माध्यम से 65 हजार 306 लोग बिहार पहुंचे हैं। इन सभी को गोपालगंज और कैमूर बॉर्डर से गंतव्य स्थान के लिए रवाना किया गया है। 2200 बसों से ये सभी बिहार पहुंचे हैं।

14 मई के बाद आने वाले संभावितों की सूची मांगी 

 पंचायती राज ने सभी जिलों से 14 मई के बाद अपने गांव आने वाले संभावित लोगों की सूची मांगी है। किस राज्य से कितने लोग आने वाले हैं, इसकी संख्या 15 मई को पूर्वाह्न 11 बजे तक विभाग भेजने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने कहा है कि मुखिया के माध्यम से पंचायतवार सूची प्रखंड स्तर पर एकत्र की जाएगी। फिर जिला स्तर पर सभी प्रखंडों से सूची एकत्र कर विभाग को भेजी जाएगी। विभाग ने कहा है कि बाहर से आने वालों को क्वारंटाइन प्रबंधन कार्य की अग्रिम तैयारी को लेकर यह सूची मांगी गई है। विभाग ने जिलों को एक फॉरमेट भी भेजा है जिसमें सूचना सभी को देनी है।