देश भर में शहीद दिवस के रूप में मनाई जा रही है महात्मा गांधी की 73वीं पुण्यतिथि

देश भर में शहीद दिवस के रूप में मनाई जा रही है महात्मा गांधी की 73वीं पुण्यतिथि

देश. महात्मा गांधी की 73वीं पुण्यतिथि को आज देश भर में शहीद दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। अंहिसा का संदेश देने वाले बापू को राष्ट्र नमन कर रहा है। बापू के समाधि स्थल राजघाट पर आयोजित प्रार्थना सभा में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी।

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 73वीं पुण्यतिथि है। आज न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया अहिंसा के इस मसीहा को नमन कर रही है। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को देश में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह उन आदर्शों को याद करने का दिन है जब मां भारती के इस महान सपूत ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के लिए अपना बलिदान दिया। 

दो अक्टूबर 1869  को गुजरात के पोरबंदर में  जन्में गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को हथियार बनाकर अंग्रेजो को  भारत छोडने को मजबूर कर दिया था। बापू की वजह से ही हम सब आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। गांधी जी ने अपना जीवन सत्य की व्यापक खोज में समर्पित कर दिया। गांधी जी के असाधारण व्यक्तित्व और साधनापूर्ण जीवन ने विश्व को शांति, अहिंसा और सद्भाव का मार्ग दिखाया।

30 जनवरी 1948 का दिन इतिहास के सबसे दुखद पन्नों में शुमार हो गया। इस दिन नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी। गोडसे ने उन्हें बहुत करीब से गोली मारी, और साबरमती का संत 'हे राम' कहकर दुनिया से विदा हो गया। आइंस्टीन ने महात्मा गांधी के बारे में एक बार कहा था-'आने वाली नस्लें शायद ही यकीन करें, कि हाड़-मांस से बना हुआ कोई ऐसा व्यक्ति भी इस धरती पर चलता-फिरता था।'

बापू भले ही आज हम सबके बीच नहीं हैं, लेकिन वो हर देशवासी के मन में बसे है। बापू के विचार दुनिया में आज भी जिंदा हैं। गांधी जी का स्वच्छता का मंत्र तो जन जन तक पहुंच चुका है। उनके सत्य और अहिंसा के संदेश वर्तमान दौर में बेहद प्रासंगिक हैं। आज भी देश-दुनिया में वंचितों, शोषितों को जब अपने अधिकारों की जंग लड़नी होती है, तो वे गांधी जी के बताये रास्ते पर चलकर अपना हक हासिल करते हैं। 

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को देश में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह उन आदर्शों को याद करने का दिन है जब मां भारती के इस महान सपूत ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के लिए अपना बलिदान दिया। बापू के आदर्श हमें एक समृद्ध और करुणामय समाज का निर्माण करने में सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे। कृतज्ञ देशवासी अपने राष्ट्रपिता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। 

(सोर्स. DD News)