शॉपिंग माल, दुकान और सार्वजनिक वाहनों के लिए गइडलाइन जारी, उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

शॉपिंग माल, दुकान और सार्वजनिक वाहनों के लिए गइडलाइन जारी, उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

पटना. सूचना एवं जन सम्पर्क सचिव अनुपम कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह एवं अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों के संबंध में बुधवार को वीडियो कॉंफ्रेसिंग के माध्यम से मीडिया को अद्यतन जानकारी दी।

सूचना एवं जन-संर्पक सचिव अनुपम कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति को लेकर सरकार द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे है। कोरोना संक्रमण को रोकने हेतु गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी गाईड लाईन को फॉलो करते हुए उसमें एक अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि इस अतिरिक्त प्रावधान के तहत सभी शॉपिंग मॉल/दुकानों/ सार्वजनिक वाहनों (बस/ टैक्सी/ ऑटो) में परिचालन कर्मियों/ चालकों और ग्राहकों/ सवारियों के द्वारा मॉस्क का प्रयोग अनिवार्य होगा तथा संबंधित प्रतिष्ठान/ वाहन के मालिकों एवं कर्मियों/ चालकों के लिए आवश्यक होगा की कोई बिना मॉस्क वालों का प्रवेश वर्जित रखे।

अनुपम कुमार ने बताया कि यदि जिला प्रशासन/ पुलिस के द्वारा जांच के क्रम में इसका उल्लंघन पाया गया तो संबंधित जिला पदाधिकारी आदेश पारित कर आदेश उल्लंघन के लिए दोषी शॉपिंग मॉल/दुकान/ व्यवसायिक प्रतिष्ठान अथवा वाहन (बस/ टैक्सी/ ऑटो) सहित का परिचालन बंद करने हेतु अधिकृत होंगे। इसे अधिक से अधिक हाईलाइट करने की आवश्यकता है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव के साथ भी राशन कार्ड वितरण के संबंध में कल समीक्षा की थी। उन्होंने निर्देश दिया है कि राशनकार्ड विहीन सुयोग्य परिवार के लिए बनाए जा रहे राशन कार्डों का 15 जुलाई तक वितरण कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि अभी तक गैर राशन कार्डधारी सुयोग्य परिवारों के लिए 22 लाख 81 हजार 870 नये राशन कार्ड बनाये जा चुके हैं। राशन कार्ड का वितरण भी काफी तेजी से चल रहा है और अब तक 04 लाख 69 हजार 108 राशन कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। केंद्र सरकार द्वारा नवंबर माह तक गरीबों को मुफ्त अनाज वितरण की जो घोषणा की गई है मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि 15 जुलाई तक राशन कार्ड का वितरण करा दें ताकि अधिक से अधिक इस योजना का लाभ लोगों को मिल सके।

इसके साथ ही प्रवाशी मजदूरों के लिए रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता है और लॉकडाउन पीरियड से लेकर अभी तक 4 लाख 78 हजार से अधिक योजनाओं के अंतर्गत लगभग 09 करोड़ 23 लाख से अधिक मानव दिवसों का सृजन किया जा चुका है।

वहीं स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना से पिछले 24 घंटे में 267 लोग स्वस्थ हुए हैं। वहीं पिछले 24 घंटे में कोरोना के 331 नये पॉजिटिव मामले सामने आये है। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि अब तक 7,811 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं और इस प्रकार बिहार का रिकवरी रेट 77.52 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय रिकवरी रेट 59.43 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में 7,789 सैंपल्स की जांच की। बिहार में अब तक 2 लाख 28 हजार 689 सैंपल्स की जांच की गई है। कोरोना संक्रमितों का राज्य में मृत्यु दर 0.72 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 2.97 प्रतिशत है। कोरोना संक्रमण से मृत्यु के 5 नए मामले सामने आए हैं जिसमें 2 पहले के हैं और 3 कल के हैं। ये कोरोना संक्रमण के अलावे अन्य संक्रमित बीमारियों से संक्रमित थे।

लोकेश कुमार ने बताया कि अनलॉक-2 के गाईडलाइन के अनुसार 1056 कंटेनमेंट जोन एक्टिवेट किए गए हैं। अनलॉक-1 के 216 कंटेनमेंट जोन में कोई भी केस नहीं सामने आने के कारण उसे इस बार डिनोटिफाइड किया गया है। सचिव स्वास्थ्य ने मीडियाकर्मियों से अपील करते हुए कहा कि हमलोग तो प्रचार माध्यमों के द्वारा लोगों को जागरुक कर ही रहे हैं, आप भी अपने माध्यम से यह बताएं कि बिना मॉस्क के घर से बाहर नहीं निकलें। मास्क के प्रयोग पर सरकार का विशेष जोर है। अनावश्यक भीड़ बाहर न लगाएं। एक दूसरे के बीच 6 फीट की दूरी बाहर में बनाए रखें। गंभीर बीमारी से पीड़ित, गर्भवती महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग अनावश्यक रुप से बाहर न निकलें, यथासंभव घर पर ही रहें। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतें और कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करें।

वहीं अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा अनलॉक-2 के तहत जारी गाइडलाइन का अनुपालन कराया जा रहा है। पिछले 24 घंटे में कोई भी कांड नहीं दर्ज किया गया है और कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस दौरान 817 वाहन जब्त किये गये हैं। इससे कुल 22 लाख 84 हजार

200 रुपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है। कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और नये दिशा-निर्देशों का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे है।