एम्फान चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट, प्रदेश में तेज हवाओं से साथ बारिश की संभावना

एम्फान चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट, प्रदेश में तेज हवाओं से साथ बारिश की संभावना

चक्रवात 'एम्फन' के 12 घंटों के अंदर सुपर चक्रवात में बदलने की उम्मीद है। ये अभी उत्तर-उत्तर पूर्व दिशा में गति करेगा 20 तारीख की दोपहर/शाम को ये दीघा/हातिया द्वीपों के बीच से जाएगा। इस दौरान इसकी गति 155-165Km/hr और गंभीर होने पर185 Km/hr तक हो सकती है। मौसम विभाग के डीजी मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि इसका प्रभाव ज्यादातर पश्चिम बंगाल के हुगली, साउथ और नॉर्थ 24 परगना, ईस्ट और वेस्ट मिदनापुर और कोलकाता जिलों में रहेगा। इसके साथ-साथ नॉर्थ ओडिशा के जिले जैसे जगतसिंहपुर, जयपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर और मयूरभंज प्रभावित रहेंगे। 

Amphan चक्रवात से कब आएगा और कहां होगा असर, जानें आठ बातों में 

1- IMD ने अगले 4 दिनों के लिए गंभीर चक्रवाती तूफान एम्फन के चलते वर्षा की चेतावनी जारी की है। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे अगले 24घंटों के दौरान बंगाल की दक्षिणी खाड़ी में,17-18 मई के दौरान बंगाल की केंद्रीय खाड़ी और 18-20 मई 2020 के दौरान बंगाल की उत्तरी खाड़ी में आवाजाही न करें।

2- एम्फन में धूल नहीं होगी। तटीय क्षेत्रों में आने वाले चक्रवात समुद्र से आते हैं इसलिए इनमें नमी बहुत ज्यादा होती है इसलिए जहां ये जाते हैं वहां तेज हवा के साथ बारिश होती है। इसके साथ इनकी वायु गति भी बहुत ज्यादा होती है।

3- एम्फन चक्रवात का पथ मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, सागर द्वीप समूह और शायद बांग्लादेश की ओर है...लेकिन एनडीआरएफ इस पर करीबी नजर रख रहा है। एनडीआरएफ ने समय रहते अपनी टीम तैनात कर दी हैं। वे या ता तैनात कर दी गई हैं या गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं। चक्रवाती तूफान के भारतीय तट की ओर बढ़ने के चलते ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के कई तटीय जिलों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है।

4- कोलकाता में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जी के दास ने बताया कि यह तूफान 20 मई की दोपहर और शाम के बीच में अत्यधिक प्रचंड चक्रवाती तूफान के तौर पर पश्चिम बंगाल में सागर द्वीपसमूह और बांग्लादेश के हतिया द्वीप समूह के बीच पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटीय क्षेत्रों से गुजर सकता है।

5- पिछले साल चक्रवात 'फोनी' सहित कई चक्रवातों का सामना कर चुके ओडिशा ने खतरे वाले इलाकों से 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।  

6- राज्य के 12 तटीय जिले--गंजम, गजपति, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर, कटक, खुर्दा और नयागढ़-- हाई अलर्ट पर हैं। 12 तटीय जिलों में 809 चक्रवात आश्रय केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 242 का अभी चिकित्सा शिविर के रूप में उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा जो लॉकडाउन के बीच विभिन्न राज्यों से लौटे हैं। 

7- कोलकाता स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान विभाग के निदेशक जी के दास ने कहा कि चक्रवात के कारण उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना जिले, कोलकाता, पूर्वी एवं पश्चिमी मिदनापुर, हावड़ा और हुगली सहित गंगाई पश्चिम बंगाल के तटवर्ती जिलों में 19 मई को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 

8- बल की सात टीम पश्चिम बंगाल में तैनात की गई हैं। ये टीम छह जिलों --दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, हावड़ा और हुगली-- में हैं। ओडिशा के सात जिलों में 10 टीम तैनात की गई हैं। ये जिले पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, भद्रक, बालासोर और मयूरभंज हैं।  एनडीआरएफ की एक टीम में लगभग 45 कर्मी होते हैं।