सीटों को लेकर महागठबंधन में रार- मांझी और कुशवाहा के बाद कांग्रेस ने भी RJD पर बनाया दबाव

सीटों को लेकर महागठबंधन में रार- मांझी और कुशवाहा के बाद कांग्रेस ने भी RJD पर बनाया दबाव

पटना. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन में अभी से सीटों पर दावेदारी का दौर शुरू हो गया है। पहले हम, रालोसपा और वीआईपी के नेताओं ने अलग बैठकें कर राजद पर सीट को लेकर दबाव बनाया था। अब कांग्रेस के तरफ से भी सीटों पर दावेदारी की जाने लगी है।

बिहार विधानसभा के चुनाव में अभी वक्त है लेकिन महागठबंधन में सीटों की दावेदारी अभी से शुरू हो गई है। महागठबंधन की हर पार्टी इस कोशिश में अभी से लग गई है कि उन्हें इस चुनाव में अधिक से अधिक सीट मिले। इसे लेकर महागठबंधन की सभी पार्टियां राजद पर अलग-अलग ढंग से दबाव बनाने में जुटी है। पहले हम, रालोसपा और वीआईपी ने कांग्रेस और राजद को छोड़कर अलग कई बैठकें कर दबाव बनाया था। और अब कांग्रेस भी अभी से इस चुनाव में अधिक सीटों पर लड़ने का ताल ठोक रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने साफ शब्दों में कहा है कि इस बार पार्टी की इच्छा अधिक सीटों पर लड़ने की है, ऐसे में हम चाहेंगे कि इसबार हमें अधिक सीटें मिलें।
दरसल, कांग्रेस की नजर जेडीयू कोटे की उन 101 सीटों पर है जिसपर पिछले चुनाव में महागठबंगन में रहते हुए उसने चुनाव लड़ा था। हालांकि, इसबार जेडीयू महागठबंगन से बाहर है। ऐसे में कांग्रेस इन 101 सीटों में 40 प्रतिशत सीटों पर अपना दावा ठोक रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 41 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और इसबार कांग्रेस इस कोशिश में है कि उनकी हिस्सेदारी 70 सीटों के आस पास हो। लेकिन राजद के नेताओं के बयान से ये लगता है कि कांग्रेस को इतनी हिस्सेदारी मिल पाना मुश्किल है। राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने इस मामले पर हंसते हुए कहा है कि ये तो उनकी इच्छा है। लेकिन चुनाव में जीत के लिए कई चीजें देखी जाती हैं।

अभी समय है हमलोग इसपर मिल- बैठ कर बात कर लेंगे।
कांग्रेस अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा तो ठोक रही है, लेकिन उसे ये भी पता है कि राजद को नाराज करके बिहार की सियासत में उनके लिए टिकना मुमकिन नहीं है. पिछला कई चुनाव इसका उदाहरण है। जहां सीटों को लेकर राजद की मनमानी पर भी कांग्रेस चुप रही। ऐसे में इस चुनाव में कांग्रेस की दावेदारी को राजद तरजीह देगा इसकी उम्मीद कम हीं है।